स्वागत है… मेरे शब्दों की दुनिया में!

यहाँ कोई तय राह नहीं, कोई विषय-सीमा नहीं।

बस मन के भीतर जो भी हलचलें उठती हैं उन्हें पंक्तियों में ढाल देती हूँ।

कभी प्रकृति की बात होती है, कभी शिक्षा पर सोच।

कभी प्रेरक विचार उभरते हैं, और कभी जीवन के अनुभव खुद-ब-खुद कलम पकड़ लेते हैं।

शब्दों के इस सफर में अगर आपका मन कहीं ठहर जाए ,तो यही मेरा सच्चा संतोष है।

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